24 May Ka Panchang | Aaj Ka Panchang : आज के शुभ मुहूर्त , पंचांग और तिथि

24 May Ka Panchang | Aaj Ka Panchang | पंचांग हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है । किसी भी मांगलिक कार्य या किसी शुभ कार्य को करने से पहले हमारे सनातन धर्म में सबसे पहले पंचांग को देखा जाता है । तद पश्चात किसी भी शुभ कार्य का श्रीगणेश किया जाता है । या फिर यूं कहे कि पंचांग एक हिन्दी का कलैंडर है । जिसमें आने वाली तिथि , नक्षत्र, योग, करण शुभ या अशुभ काल का वर्णन होता है । आइए आगे जानते है आज का पंचांग, सूर्यउदय, सूर्य असत का समय शुभ या अशुभ माहूर्त ।

aaj ka panchang तिथि और योग

24 मई 2024 को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इस दिन अनुराधा नक्षत्र और शिव योग का संयोग रहेगा, जो अत्यंत शुभ माना जाता है। शुक्रवार को अभिजीत मुहूर्त 11:50 से 12:45 तक रहेगा। राहुकाल सुबह 10:36 से 12:18 बजे तक रहेगा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित होंगे।

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पंचांग के मुख्य अंग

हिंदू पंचांग, जिसे वैदिक पंचांग भी कहा जाता है, समय और काल की सटीक गणना के लिए उपयोग किया जाता है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है: तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण

Aaj Ka Shubh mahurt

  • तिथि: प्रतिपदा 19:21 तक
  • नक्षत्र: अनुराधा 10:01 तक
  • करण:
  • प्रथम करण: बालवा 07:26 तक
  • द्वितीय करण: कौलव 19:21 तक
  • पक्ष: कृष्ण
  • वार: शुक्रवार
  • योग:
  • शिव 11:11 तक
    सूर्योदय: 05:29
    सूर्यास्त: 19:06
    चंद्रमा: वृश्चिक
    राहुकाल: 10:36 – 12:18
    विक्रमी संवत: 2081
    शक संवत: 1944
    मास: ज्येष्ठ
    शुभ मुहूर्त: अभिजीत 11:50 – 12:45

पंचांग के पांच अंगों की विस्तृत जानकारी

  • तिथि :- हिन्दू पंचांग में समय की गणना के अनुसार, चंद्र रेखांक को सूर्य रेखांक से 12 अंश ऊपर तक जाने में जो समय लगता है, वह तिथि कहलाती है। एक माह में 30 तिथियां होती हैं, जो दो पक्षों में विभाजित होती हैं: शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष। शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या कहा जाता है।
  • जानिए हिन्दी तिथि के नाम :- प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, अमावस्या/पूर्णिमा।
  • नक्षत्र :- आगे बता दे की आकाश में तारा समूह को नक्षत्र कहा जाता है। इसमें 27 नक्षत्र होते हैं, जिनके नाम हैं: अश्विन, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती।
  • वार/दिन :- हर महीना में लगभग चार सप्ताह होते है । और एक साल में 52 सप्ताह होते है । और 1 सप्ताह में सात वार/दिन होते हैं, जिनके नाम ग्रहों के अनुसार रखे गए हैं: सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार।
  • योग योग 27 प्रकार के होते हैं, जो सूर्य और चंद्र की विशेष दूरियों की स्थितियों पर आधारित होते हैं। इनके नाम हैं: विष्कुम्भ, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, अतिगण्ड, सुकर्मा, धृति, शूल, गण्ड, वृद्धि, ध्रुव, व्याघात,परिघ, शिव, सिद्ध, साध्य, शुभ, हर्षण, वज्र, सिद्धि, व्यातीपात, वरीयान,  शुक्ल, ब्रह्म, इन्द्र, वैधृति।
  • करण एक तिथि के पूर्वार्ध और उत्तरार्ध में दो करण होते हैं। कुल 11 करण होते हैं, जिनके नाम हैं: बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि, शकुनि, चतुष्पाद, नाग, किस्तुघ्न। विष्टि करण को भद्रा भी कहा जाता है, जिसमें शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं।

पंचांग हमें न केवल तिथि और समय की जानकारी देता है, बल्कि हमारे दैनिक जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान करता है।

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